Roza kholne ki dua – Roza rakhne ki dua niyat tarika

 In this article I will tell about Roza kholne ki dua aur Roza Rakne ki dua in hindi – हम बहुतही खुशनसीब है जो हमको अल्लाह ने रमजान का महीना दिया। हमको अल्लाह का शुक्र करना चाहिए की अल्लाह ने हमको इतना खूबसूरत महीना दिया।

रमजान बहोती बरकतो का महीना है। हम सबको इस महीने में नकिया कामना है और हमको नहीं पता फिर यह खुबसूरत महीना मिलता या नहीं। हर मुस्लमान रमजान का बहोती बेसबरी से इंतज़ार करते है ऐसे हूँ भी क्यों नहीं, रमज़ान करीम होता ही बहोत नकियो वाला महीना।

Ramzan के महीने में अल्लाह की रहमते बरसती है. और इस महीने में बुराइय पे अच्छाई भरी परती है। और रमजान करीम में अल्लाह अपने बन्दों के गुनहू को माफ़ करता है। और हम सब जानते है इस खूबसूरत महीने में अल्लाह का कितना नूर बरसता है। और अहम चीज़ आपको बोलना चाहतु हो की। जो शख्स रमजान के रोज़े जान मूछ कर चोरदा है उसको अल्लाह का बारे अज़ाब है और रमजान के रोज़े फ़र्ज़ है।

इसका ज़िकर इस्लाम की बहोती खूबसूरत किताब क़ुरान इ करीम में किया है. की रामज़न कितना अजमादो वाला महीना है और जो Muslim रमजान के पुरे 30 दिन के रोज़ा रखे संजो पूरी साल के रोज़े रखें।


रोजा खोलने की दुआ - Roza Kholne ki Dua

हम सबको Roza kholne ki dua परनि ज़रूरी है जैसे हम रोज़ा रखने की दुआ परते है वैसे ही। Roza kholne ki dua बहोत प्यारी और आसान से याद होजाती है। दुआ के बाद अप्प खजूर से इफ्तार करसकते है यह सुन्नत है। जो हम्मरे नबी इ करीम सल्ललाहु अलैहि वसल्लम की सुन्नत।

Roza kholne ki dua


Ramzan mein roza kholne ki dua in hindi

अल्लाहुम्म इन्नी लक्का सुमतु वबीका आमानतु वालेका तवक्कलतु व अला रिज़क़िका अफ्तारतु.

Roza kholne ki dua in roman English

Allahummaa Innii Lakaa Summtu waa Beka amantu va ‘Alaykaa Tawakkaltuu va Ala Rizq Ikaa Aftarthuu

Roza kholne ki dua in Arabic

اَللّٰهُمَّ اِنَّی لَکَ صُمْتُ وَبِکَ اٰمَنْتُ وَعَلَيْکَ تَوَکَّلْتُ وَعَلٰی رِزْقِکَ اَفْطَرْتُ

Roza kholne ki dua in Telugu

అల్లాహుమ్ ఇన్ని లక్క సుమతు వబికా అమంటు వాలెకా తవక్లాటు మరియు అలా రిజ్జికా అనంతర


रोज़ा रकने की नियत – Roza Rakhne ki Niyat

Roza Rakhne ki Niyat – नियत का मतलाब होता हैं ईरादा करलेना। इस्लाम में नियत की बरी एहमियत है और हम सब जानते है नियत के बिना न नमाज़ कुबूल होती है न रोज़ा कुबूल होता है। और अल्लाह नियत को ही देख्ता है। और हमको यह नियत करनी है की मैं अल्लाह के लिए रोज़ा रहता हूँ और अल्लाह को खुश करना है मुझे। और इस नियत से अल्लाह भी तुमसे भहोत खुश होता है और इंशाअल्लाह रोज़ा भी अल्लाह के बरगा में खूबूल होता है।


और रमजान आने से १० दिन पहले ये नियत करना है की म पुरे ३० दिन के रोज़ा रोहोंगा सिर्फ अल्लाह के लिए रोहोंगा। और आपको अल्लाह से दुआ करनी है की या अल्लाह मुझे ३० दिन रोज़े रकने की हिमत दे। रोज़े के लिये नियत ज़रूरी है। रोज़ा रहने से पहले नियत नहीं की तो रोज़ा रहना के कुछ फयदे नहीं होगा सिर्फ दिन फर भूके -पियासे रहने से अल्लाह रोज़ा खौबोल नहीं करता है।


रोज़ा रखने की दुआ – Roza Rakhne ki dua

Roza Rakhne ki dua – रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु आलिहिवसल्लम ने बताया की कोई काम करने से पहले दुआ परह करो जब कोई दुआ परके काम करता है उसको अल्लाह की मदत मिलती है. और इस्लाम में कोई चीज़ करने से पहले दुआ परना ज़रूरी है। रमजान में रोज़ा रकने से पहले दुआ (roze ki dua) परना ज़रूरी है और बिना दुआ पढ़े रोज़ा कुबूल नहीं होता। सहरी करने के बाद मतलब फजर की नमाज़ से १५ मिनट पहले यह दुआ (Ramzan ki Dua) पढ़ लेनी चाहिए।


Roza Rakhne ki dua in hindi

व बी सौमि गदिन नवाई तो मीन शहरि रमज़ान


Roza Rakhne ki dua in Roman English

Wa bisawmi ghadin nawaitu min shahri ramadan


Roza rakhne ki dua in Arabic

وَبِصَوْمِ غَدٍ نَّوَيْتُ مِنْ شَهْرِ رَمَضَانَ


Roza Rakhne ki dua in Telugu

వు బి సౌమి గాడిన్ నవై టు మీన్ షాహరి రమదాన్


हिंदी में दुआ का मतलब

मैंने रमज़ान का कल का रोज़ा की नीयत की है


रोजा खोलने की नीयत – Roza Kholne ki Niyat

Roza kholne ki niyat – जैसे हम रोज़ा रखने की नियत करते है वैसे रोज़ा खोलने की नियत भी करना ज़रूरी है और हमको रोज़ा खोलने की दुआ परनी ज़रूरी है। रोज़ा खोलने से पहले आपको अल्लाह से दुआ मांगना है आपको जो मगनी है वो दुआ मांगना है उस वक़्त की दुआ अल्लाह नहीं रद्द करता। उसके बाद आपको दुआ परनि यानि Roza kholne ki dua मेरे भाइयो और बहनो अल्लाह बहोत रहम वाला है और अल्लाह को अल्लाह की तारीफ बहोत पसंद है और सौराह इखलास में अल्लाह की तारीफ है।


आप रोज़ा खोलने से पहले सौराह इख्लास परयह इंशाल्लाह अल्लाह हम सुब को माफ़ करदा है और रोकर अल्लाह से दुआ मांगना चाहिए उस अल्लाह दुआ ख़ोबुल करता है और रोज़ा खोलने से १० मिनट पहले अल्लाह का ज़िकर करना जाऊरी है और फिर रोज़ा खोलने की दुआ परे।


रोज़ा ऱखने का तरीका – Roza Rakhne ka Tarika

Roza rakhne ka tarika – इस्लाम में सहरी करना सुन्नत है। सहरी का मतलब है की अप्प फजर की नमाज़ से पहले खाना खले और फिर रोज़ा रकने की दुआ परनि है और पूरा सारा दिन ग़लत काम नहीं करना इससे रोज़ा मैक्रो होता है। यानि टीवी नहीं देखनी है और गाने नहीं सुन्ना है और सिगरेट नहीं पीनी है और गुटखा नहीं। और चोकली नहीं करनी है और लड़ाई नहीं करनी है। अप्प रोज़ा है सिर्फ अल्लाह का ज़िकर करना है और 5 टाइम की नमाज़ कंपल्सरी है।


नमाज़ के बिना रोज़ा खोबल नहीं होता है। हम बहोत खुसनसीब है जो हमको कितना खूबसूरत महै रमजान का महीना मिला है इस महीने का हमको पूरे फायदा उठाना है और रोज़े के दरमियान अप्प दुरूद ज़ियादा परै क्यों दुरूद से हमको बहोत फयदे है। और रात की ईबादत ज़रूर करे यानि तहज्जुद की नमाज़। तहाजूट की नमाज़ अल्लाह को बहोत पसंद है उस नमाज़ के बाद आप जो दुआ मग्गे अल्लाह उससे पूरा करता है


डाइट की बात करें तो सहरी के वक्त अपने आहार में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और प्रोटीन युक्त चीज़ें शामिल करें, जिससे आपके शरीर में एनर्जी बनी रहे। रोटी, चावल और आलू कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं। सेब, केला, खुबानी, छोले और ओट्स में फाइबर उच्च मात्रा में पाया जाता है और प्रोटीन के लिए आप अपनी डाइट में दूध, अंडे, दही और दालें शामिल कर सकते हैं।


रोजा खोलने का तरीका – Roza Kholne ka Tarika

Roza kholne ka tarika – रमजान में रोज़ा रहने फ़राज़ है और रोज़ा खोलने का वक़्त iftar time बोलते, यानि सुराज डूबने के बाद शुरू होता है. Roza kholne ki dua परना ज़रूरी है इफ्तार से पहले अप्प अल्लाह से दुआ करले जो भी आपकी हाजत है और हमारे प्यारे  रसूलुल्लाह सल्लाहअल्लाही वसल्लम खजूर और पानी से रोज़ा खोलते थे और हर मुस्लमान वही तरीके पे चलते है.


और अल्लाह का शूकर है की हम मोहम्मद रसूलुल्लाह सल्लाहअल्लाही वसल्लम की उम्मत में से है। और रसूलुल्लाह सल्लाहअल्लाही वसल्लम का फरमान है की रोज़ा छोरना बहोत बड़ा गुना है सिर्फ कुछ कंडीशन में रोज़ा छोर्ड सकते है। मेरे भाइयो और भैनो हम सबको अल्लाह शूकर करना चाहिए क्यों की अल्लाह ने हम को कितना खूबसूरत। और ज़ियादा रमज़ में अस्तगफार परेह।


Frequently Asked Questions

Roze me kya nahi karna chahiye

ये न करें-

  • रोज़ा की हालत में टीवी और सिर्फ सोकर टाइम ख़राब न करिये। बिज़नेस है तो बिज़नेस करिये या जॉब करिये और टाइम निकल के अल्लाह का ज़िकर करिये.
  • गेम्स से दूर रहे यानि मोबाइल गेम्स।
  • रोज़े की हालत में गली और गुस्सा न करे इससे आपका रोज़ा टूट सकता है।
  • रोज़ा की हालत स्मोकिंग न करे
  • सांग्स न सुनो इससे आपका रोज़ा मकरू होता है.
  • किसी की बुराई न करे इससे आपका रोज़ा माकृ हटवा है।


Roza todhne ka kaffara kya hai?

अगर किसी ने रोज़ा जानबूझकर तोर दिए सिर्फ पियास और भूक की वजा से और बिज़नेस और जॉब की वजे से तो उसपर कफ़्फ़ारा होगा 60 डेज के लगातार रोज़ा रहना होगा।


kya rone se roza toot jaata hai?

जी नहीं, रोने से रोज़ा नहीं टूट त सिर्फ रोज़ा मकरू होता है। अगर अप्प अल्लाह की याद में रोते हूँ और अल्लाह के लिए रोते हो तो अल्लाह को बहोत पसंद है।


Thook nigalane se roza toot jaata hai kya?

जी नहीं। थूक निगलने से रोज़ा नहीं टूट जाता।


Final words

मेरे प्यारे भाइयो और भैनो Ramzan का महीने में अल्लाह की ज़ियादा इबादत करो और हम बहोत खुसनसीब है जो अल्लाह ने हम को मुस्लमान बनाया और हम्मरे ज़िंदाई में आने का मक़ज़ाद अल्लाह को राज़ी करना है। रमजान के महीने में अल्लाह से माफ़ी मागो और अल्लाह की तरफ आयो। अल्लाह बहोत रहम करने वाला है। और इस आर्टिकल में माँ Roza kholne ki dua और Roza rakhne ki dua बताया हूँ। अल्लाह आपको खुश रखे।


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